Santoshi Mata Aarti – The Gentle Flame of Contentment
Santoshi Mata Aarti: Lyrics जय सन्तोषी मातामैया, सन्तोषी माताअपने सेवक जन कीअपने सेवक जन कीसुख सम्पति दाताजय सन्तोषी माता सुन्दर चीर सुनहरीमैया, धारण कीन्होहीरा पन्ना दमकेतन श्रृंगार लीन्होजय सन्तोषी माता गेरू लाल छटा छबि, बदन कमल सोहेमैया, बदन कमल सोहेमंद हँसत करुणामयीत्रिभुवन मन मोहेजय सन्तोषी माता स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर दुरे प्यारेमैया, चंवर दुरे प्यारेधूप, … Read more