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Shirdi Sai Baba Aarti
Deity:

Shirdi Sai Baba Aarti

आरती साईबाबा, सौख्यदातार जीवा।
चरणरजातळी द्यावा, विसावा भक्तां॥

जाळुनियां आनंग, स्वस्वरूपी राहे दंग।
मुख अष्टक हे प्रसंग, अखंडपणे जागे॥
आरती साईबाबा, सौख्यदातार जीवा॥

जयाला ना कोणी, त्याला तूं आधार।
दीनांच्या जीवना, आहे आधार साईनाथा॥
आरती साईबाबा, सौख्यदातार जीवा॥

हरीहर की मूर्ति, तुम्हीं जगत विश्वंभर।
अठरा पगड़ जाती, तुझ्या ठायी सब शरण॥
आरती साईबाबा, सौख्यदातार जीवा॥

सबका मालिक एक, यही तुम्हारा संदेश।
हिन्दू मुस्लिम भेद मिटाया, शिरडी बना तीर्थ विशेष॥
आरती साईबाबा, सौख्यदातार जीवा।
चरणरजातळी द्यावा, विसावा भक्तां॥

You Can Also Read

Hindi Translation

यह आरती शिरडी साईं बाबा की सबसे प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय आरती है, जिसे माधवराव बी. आडकर द्वारा रचित माना जाता है। यह सभी पाँचों दैनिक आरतियों में गाई जाती है और साईं भक्तों में सर्वाधिक प्रचलित है। इसमें साईं बाबा को सुख देने वाला, दीनों का आधार तथा सभी जाति-धर्मों से परे सर्वव्यापी सद्गुरु बताया गया है।

English Translation

This is the most famous and widely sung aarti of Shirdi Sai Baba, traditionally attributed to Madhavrao B. Adkar. It is sung during all five daily aartis at Shirdi and is the most popular Sai Baba devotional song, describing Baba as the giver of happiness, the support of the helpless, and a universal Sadguru beyond caste and creed.

Significance

यह साईं भक्ति की सबसे प्रमुख आरती है, जो शिरडी सहित विश्वभर के साईं मंदिरों में प्रतिदिन गाई जाती है। गुरुवार एवं साईं बाबा के व्रत के दिन इसका विशेष महत्व है। (नोट: यह अत्यंत प्रचलित रचना है; फिर भी शब्दशः पाठ हेतु प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक स्रोत से मिलान की सलाह दी जाती है।)

How to Chant?

दीपक, धूप और घंटी के साथ खड़े होकर श्रद्धापूर्वक गाएं, अंत में साईं बाबा की जय-जयकार करें।

Number of Repetitions

1 से 3 बार

Best Time to Chant

प्रातः, दोपहर, संध्या अथवा गुरुवार के दिन विशेष रूप से

Benefits of Aartis