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एकादशी क्या है? महत्व, इतिहास, प्रकार और व्रत विधि | संपूर्ण गाइड

By: Mythology

November 15, 2025

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एकादशी क्या है

एकादशी क्या है? (What is Ekadashi)

एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार हर चंद्र पक्ष की 11वीं तिथि को कहा जाता है। इस दिन को भगवान विष्णु का विशेष दिन माना गया है। मान्यता है कि इस तिथि पर मन, शरीर और चेतना सबसे अधिक शांत और सत्वगुणी होते हैं। यही कारण है कि यह दिन उपवास, पूजा और ध्यान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

शास्त्रों में कहा गया है—

“एकादशी व्रतं विष्णोः प्रियतमं।”
अर्थात: एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है।

Table of Contents

एकादशी क्यों मनाई जाती है? (Why Ekadashi is Celebrated)

एकादशी मनाने के कई आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और दार्शनिक कारण हैं—

1. मन और शरीर की शुद्धि

एकादशी के दिन उपवास करने से शरीर में जमा विषाक्त तत्व बाहर निकलते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह दिन पाचन प्रणाली को विश्राम देने का प्राकृतिक अवसर देता है।

2. मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक ऊर्जा

11वीं तिथि पर चंद्रमा का प्रभाव मन और भावनाओं पर विशेष रूप से पड़ता है। उपवास और ध्यान करने से मन स्थिर होता है और नकारात्मक विचार कम होते हैं।

3. सतोगुण की वृद्धि

एकादशी के दिन देवत्व शक्तिशाली होती हैं। इस दिन किया गया दान, पूजा और भक्ति कई गुना फल देती है।

4. पापों का नाश

पुराणों में एकादशी व्रत को ‘पापहारी’ बताया गया है। माना जाता है कि एकादशी के पालन से पिछले जन्मों के दोष भी समाप्त हो जाते हैं।

5. धन और समृद्धि

जो लोग नियमित एकादशी का पालन करते हैं, उनके जीवन में लक्ष्मी का वास बढ़ता है। यह केवल आर्थिक दृष्ट‍ि से ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक समृद्धि को भी दर्शाता है।

साल में कितनी एकादशियाँ आती हैं? (How Many Ekadashis in a Year)

सामान्य वर्ष में—

  • 24 एकादशियाँ (हर महीने 2)

यदि अधिमास/मलमास आता है—

  • 26 एकादशियाँ

इनमें से कुछ बहुत विशेष और महत्त्वपूर्ण मानी जाती हैं।

सबसे बड़ी और सबसे प्रसिद्ध एकादशी कौन-सी है?

सभी एकादशियाँ महत्वपूर्ण हैं, परन्तु कुछ को विशेष महत्त्व प्राप्त है:

निरjala एकादशी (सबसे बड़ी / सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली एकादशी)

निरjala एकादशी को “महाएकादशी” कहा गया है क्योंकि—

  • इस दिन जल भी नहीं पिया जाता।

  • इसे करने वाला व्यक्ति वर्ष की 24 एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त करता है।

  • यह सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक एकादशी मानी जाती है।

✔ अन्य महत्वपूर्ण एकादशियाँ:

  • वैष्णव एकादशी

  • देवशयनी एकादशी

  • देवउठनी एकादशी

  • पद्मिनी एकादशी (अति दुर्लभ)

  • हरिबोधिनी एकादशी

  • कामिका एकादशी

क्या भारत के बाहर भी एकादशी मनाई जाती है?

हाँ! एकादशी भारत तक सीमित नहीं है। इसे दुनिया भर में भारतीय मूल के लोग और विष्णु-भक्त मनाते हैं। जिन देशों में एकादशी विशेष रूप से लोकप्रिय है:

  • नेपाल

  • बांग्लादेश

  • श्रीलंका

  • थाईलैंड

  • इंडोनेशिया (बाली)

  • फिजी

  • मॉरीशस

  • यूएसए

  • यूरोप

  • मध्य एशिया

  • इस्कॉन टेंपल वाले देशों में

दुनिया भर में लाखों लोग एकादशी उपवास का पालन करते हैं।

एकादशी व्रत कैसे करें? (How to Observe Ekadashi)

एकादशी व्रत करने के नियम सरल हैं:

✔ व्रत से एक दिन पहले (दशमी)

  • हल्का भोजन करें

  • तामसिक भोजन न खाएँ (प्याज़, लहसुन, मांस, शराब आदि)

✔ एकादशी के दिन

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें

  • भगवान विष्णु की पूजा करें

  • तुलसी दल चढ़ाएँ

  • अनाज और दालें न खाएँ

  • फलाहार एवं दूध का सेवन करें

  • दिनभर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करें

  • क्रोध, झूठ और हिंसा से दूर रहें

✔ अगले दिन द्वादशी

  • पूजा कर व्रत का पारण ब्राह्म मुहूर्त से सुबह किया जाता है।

एकादशी का आध्यात्मिक महत्व

1. विष्णु का विशेष आशीर्वाद

एकादशी को विष्णुजी का दिन माना जाता है, इसलिए भक्त इस दिन पूजा-अर्चना करके उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।

2. पितृ-दोष का निवारण

कुछ एकादशियाँ पितरों की मुक्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती हैं, जैसे—
इंदिरा एकादशी, आङ्गिरसी एकादशी आदि।

3. मोक्ष और जन्म-मरण से मुक्ति

शास्त्रों में कहा गया है कि नियमित एकादशी रखने से मोक्ष प्राप्ति होती है।

4. सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि

उपवास से शरीर हल्का होता है, मन शांत होता है और ऊर्जा बढ़ती है।

एकादशी के वैज्ञानिक लाभ

एकादशी केवल धार्मिक नियम नहीं बल्कि यह विज्ञान से भी जुड़ी है।

1. डिटॉक्स और पाचन में सुधार

उपवास से शरीर में जमा टॉक्सिन निकलते हैं।

2. मानसिक शांति

कम भोजन करने से मस्तिष्क में clarity बढ़ती है।

 3. ब्लड शुगर संतुलन

फलाहार शरीर को natural sugar balance देता है।

4. हार्मोनल संतुलन

उपवास से मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है, जिससे hormones balanced रहते हैं।

सभी प्रमुख एकादशियों की सूची

✔ शुक्ल पक्ष

  1. पुत्रदा एकादशी

  2. जया एकादशी

  3. आमलकी एकादशी

  4. कामदा एकादशी

  5. मोहिनी एकादशी

  6. पांडव-निर्जला एकादशी

  7. पद्मा एकादशी

  8. कामिका एकादशी

  9. पुत्रदा (हरियाली) एकादशी

  10. परिवर्तिनी (हरिवासर) एकादशी

  11. पापांकुशा एकादशी

  12. रमणी एकादशी

✔ कृष्ण पक्ष

  1. शिवरात्रि की एकादशी

  2. विजया एकादशी

  3. पापनाशिनी एकादशी

  4. वरूथिनी एकादशी

  5. अपरा एकादशी

  6. योगिनी एकादशी

  7. कात्यायनी एकादशी

  8. अजा एकादशी

  9. इंदिरा एकादशी

  10. रमा एकादशी

  11. उत्पन्ना एकादशी

  12. सफला एकादशी

एकादशी के दिन क्या खाना चाहिए?

  • फल

  • दूध

  • दही

  • साबूदाना

  • सिंघाड़ा आटा

  • कुट्टू आटा

  • मूंगफली

  • नारियल पानी

  • फलाहारी खिचड़ी

एकादशी के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?

  • चावल

  • गेहूँ/आटा

  • दालें

  • राजमा

  • छोले

  • प्याज़-लहसुन

  • शराब/मांस

  • भारी भोजन

एकादशी से जुड़े रोचक तथ्य

  • रामायण और महाभारत दोनों में एकादशी व्रत का उल्लेख है।

  • युधिष्ठिर ने स्वयं भगवान कृष्ण से एकादशी का महत्व पूछा था।

  • इस दिन रात्रि में भी दीपदान करने का फल कई गुना होता है।

  • भगवान विष्णु इस दिन अपने भक्तों के बहुत करीब माने जाते हैं।

एकादशी केवल व्रत नहीं बल्कि मन, शरीर और आत्मा की पूर्ण शुद्धि का दिन है। यह वह समय है जब प्रकृति और ब्रह्मांड की ऊर्जा मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति के लिए सबसे अनुकूल होती है। इसलिए एकादशी का पालन करना व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि, सकारात्मकता और आध्यात्मिक विकास लाता है।

आज भी भारत और विदेशों में करोड़ों लोग एकादशी का पालन आस्था और भक्ति से करते हैं। चाहे धार्मिक दृष्टि से देखें या वैज्ञानिक दृष्टि से—एकादशी जीवन में संतुलन और ऊर्जा बढ़ाने वाला श्रेष्ठ उपाय है।

एकादशी क्या है? (What is Ekadashi) एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार हर चंद्र पक्ष की 11वीं तिथि को कहा जाता है। इस दिन को भगवान विष्णु का विशेष दिन माना गया है। मान्यता है कि इस तिथि पर मन, शरीर और चेतना सबसे अधिक शांत और सत्वगुणी होते हैं। यही

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