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parvati chalisa
Deity:

श्री पार्वती चालीसा

दोहा

जय गिरिजा जय शैलजा, जय जगदम्ब भवानी।
करहु कृपा मोहि दीन पर, हे जगदंब गुणखानी॥

चौपाई

जय जय गिरिजा दुःख निवारिणी।
जय जय अम्बे सुख की दायिनी॥1॥

हिमगिरि राज की पुत्री प्यारी।
शिव संग सोहत छवि न्यारी॥2॥

सिंह वाहिनी शोभा सारी।
त्रिभुवन में महिमा तुम्हारी॥3॥

गौर वदन अरु चंद्र समाना।
त्रिनयन शोभित रूप निधाना॥4॥

शिव प्राप्ति हित तप तुम कीना।
घोर तपस्या वर्षों कीना॥5॥

सती स्वरूप पूर्व में धारा।
दक्ष यज्ञ में देह विसारा॥6॥

पुनि हिमगिरि गृह जन्म लियो तुम।
पार्वती नाम धरायो तुम॥7॥

कठिन तपस्या करि शिव पाए।
सकल जगत में मंगल छाए॥8॥

गणपति कार्तिक पुत्र तुम्हारे।
जग में विख्यात भए दोउ प्यारे॥9॥

अन्नपूर्णा रूप धरा है।
भूखे जन को अन्न दिया है॥10॥

दुर्गा काली रूप तुम्हारे।
असुर संहार करत हितकारे॥11॥

नवरात्रि में पूजा होई।
तुम बिन मंगल करे न कोई॥12॥

सुहागिन नारी तुम्हें मनावें।
अखंड सुहाग सदा वे पावें॥13॥

तीज त्यौहार में पूजित होई।
करवा चौथ में व्रत रखे सोई॥14॥

पति की आयु दीर्घ बनावें।
दांपत्य सुख को तुम बढ़ावें॥15॥

निःसंतान को पुत्र दिलावें।
घर घर में तुम मंगल छावें॥16॥

जो तुमको मन से ध्यावे।
ताको सुख संपत्ति पावे॥17॥

दुःख दरिद्र निकट नहिं आवे।
जो यह चालीसा नित गावे॥18॥

शिव के संग सदा विराजो।
भक्तन के सब कारज साजो॥19॥

जो यह पाठ करे मन लाई।
ताकी विपत्ति कटे सब भाई॥20॥

सोमवार को पूजा कीजे।
श्रद्धा भाव सहित फल लीजे॥21॥

ऋद्धि सिद्धि गृह में सब आवें।
सुख संपत्ति सुत शीघ्र ही पावें॥22॥

दोहा (समापन)

पार्वती माँ कृपा करो, सुनो हमारी टेर।
चालीसा यह पाठ कर, मिटे कष्ट की देर॥

Description

श्री पार्वती चालीसा भगवान शिव की अर्धांगिनी माँ पार्वती की स्तुति में रचा गया एक भक्ति स्तोत्र है। माँ पार्वती को शक्ति, सौभाग्य और गृहस्थ जीवन की देवी माना जाता है। नियमित रूप से पार्वती चालीसा का पाठ करने से दांपत्य जीवन में सुख-सामंजस्य बना रहता है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुहाग की रक्षा होती है। यहाँ आपको पार्वती चालीसा का पूर्ण पाठ हिंदी में, उसका महत्व और पढ़ने की सही विधि मिलेगी।

Hindi Translation

पार्वती चालीसा माँ पार्वती की स्तुति में रचित एक भक्ति काव्य है, जिसमें भगवान शिव की अर्धांगिनी और शक्ति स्वरूपा के रूप में उनकी महिमा, तथा दांपत्य सुख व सुहाग की रक्षा करने की उनकी कृपा का वर्णन किया गया है।

English Translation

The Parvati Chalisa is a devotional hymn praising Goddess Parvati, the divine consort of Lord Shiva and embodiment of devotion and shakti. It seeks her blessings for marital harmony, family happiness, and the fulfillment of wishes.

Significance

दांपत्य जीवन में सुख-सामंजस्य बना रहता है तथा सुहाग की रक्षा होती है। तीज, करवा चौथ और सोमवार को पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। निःसंतान दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति की कामना पूर्ण होती है, ऐसी मान्यता है। घर-परिवार में सुख-शांति और मंगल कार्यों में सफलता मिलती है। मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

How to Chant?

सोमवार के दिन प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। माँ पार्वती व भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष दीपक जलाएं और शृंगार सामग्री अर्पित करें। शांत मन से पार्वती चालीसा का पाठ करें। तीज, करवा चौथ और सोमवार को इसका पाठ विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

Number of Repetitions

1, 5, 7 या 11 बार

Best Time to Chant

तीज, करवा चौथ और सोमवार के दिन माँ पार्वती के समक्ष पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

Benefits of Reading Chalisa