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Madhyan Aarti Shirdi Sai Baba
Deity:

Madhyan Aarti (Shirdi Sai Baba)

साईं सद्गुरु मध्यान आरती, भक्त करें सब मिलकर।
पंचपदी का गान सुहावन, गूंजे मंदिर अंदर॥

आरती सद्गुरु साईनाथा, भक्तवत्सल दीनानाथा।
तुम बिन कोई सहारा नाहीं, तुम ही जग के त्राता॥
साईं सद्गुरु मध्यान आरती, भक्त करें सब मिलकर॥

भोग लगे नैवेद्य चढ़े, घंटा शंख निनाद करे।
भक्तजनों की भीड़ उमड़े, हर मन साईं मय हो जाए॥
साईं सद्गुरु मध्यान आरती, भक्त करें सब मिलकर॥

सबका मालिक एक बताया, हिन्दू मुस्लिम भेद मिटाया।
शिरडी धाम बना तीर्थ महान, साईं कृपा से जग तर जाए॥
साईं सद्गुरु मध्यान आरती, भक्त करें सब मिलकर।
पंचपदी का गान सुहावन, गूंजे मंदिर अंदर॥

You Can Also Read

Hindi Translation

मध्यान आरती शिरडी साईं बाबा की दोपहर की आरती है, जिसे “पंचपदी” भी कहा जाता है क्योंकि परंपरागत रूप से इसमें पाँच भिन्न पदों (स्तुतियों) का समावेश होता है। यह प्रतिदिन दोपहर के भोग-नैवेद्य के समय समाधि मंदिर में गाई जाती है।

English Translation

Madhyan Aarti is the noon aarti of Shirdi Sai Baba, traditionally called “Panchapadi” as it combines five different devotional verses. It is sung daily at the Samadhi Mandir at midday, accompanying the noon food offering (naivedya) to Baba.

Significance

यह शिरडी की पाँच दैनिक आरतियों में दूसरी है, जो दोपहर के भोग के समय भक्तों की उपस्थिति में गाई जाती है। (नोट: यह रचना पंचपदी मध्यान आरती की परंपरागत विषयवस्तु पर आधारित है; प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक स्रोत से मिलान की सलाह दी जाती है।)

How to Chant?

दोपहर लगभग 12 बजे समाधि मंदिर में भोग अर्पण के समय खड़े होकर गाएं।

Number of Repetitions

1 से 2 बार

Best Time to Chant

दोपहर, भोग-नैवेद्य के समय

Benefits of Aartis