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Kakad Aarti Shirdi Sai Baba
Deity:

Kakad Aarti (Shirdi Sai Baba)

उठा उठा सकल जन, करें काकड आरती।
जागो साईं सद्गुरु, भक्तों की विनती॥

द्वारकामाई में बाबा, निद्रा त्यागो अब तुम।
भक्त खड़े हैं द्वारे, दर्शन दो हे गुरुवर॥
उठा उठा सकल जन, करें काकड आरती॥

मशाल जले हाथों में, आरती की थाली सजे।
शंख घंटी बाजे संग, भक्ति भाव मन रमे॥
उठा उठा सकल जन, करें काकड आरती॥

फकीरी वेश धारी, हिन्दू-मुस्लिम एक समान।
सबका मालिक एक है, यही साईं का ज्ञान॥
उठा उठा सकल जन, करें काकड आरती॥

समाधि मंदिर शोभे, चंदन कुमकुम धूप।
साईं चरणों में नमन, हरे संकट अनूप॥
उठा उठा सकल जन, करें काकड आरती।
जागो साईं सद्गुरु, भक्तों की विनती॥

You Can Also Read

Hindi Translation

काकड आरती शिरडी साईं बाबा की प्रातःकालीन आरती है, जो प्रतिदिन भोर में द्वारकामाई (साईं बाबा की मस्जिद-रूपी निवास स्थान) और समाधि मंदिर में गाई जाती है। इसमें भक्त बाबा को जगाने, उनका आशीर्वाद पाने और दिन की शुरुआत उनके दर्शन से करने की भावना व्यक्त करते हैं।

English Translation

Kakad Aarti is the early-morning aarti of Shirdi Sai Baba, sung at dawn in the Dwarkamai and Samadhi Mandir to lovingly wake Baba and seek His blessings at the start of the day.

Significance

यह शिरडी साईं मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पाँच नियमित आरतियों में से पहली है। इसे गाने से दिन की शुभ शुरुआत होती है और भक्त के मन में साईं बाबा के प्रति श्रद्धा जागृत होती है। (नोट: यह रचना साईं बाबा की काकड आरती की परंपरागत विषयवस्तु पर आधारित है; प्रकाशन से पूर्व किसी प्रामाणिक स्रोत से मिलान की सलाह दी जाती है।)

How to Chant?

प्रातः लगभग 5 बजे द्वारकामाई या समाधि मंदिर में दीपक, धूप और घंटी के साथ खड़े होकर गाएं।

Number of Repetitions

1 से 2 बार

Best Time to Chant

प्रातःकाल, सूर्योदय से पूर्व

Benefits of Aartis