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Siya Ram aarti
Deity:

Siya Ram Aarti

जय सिया राम जय जय सिया राम।
जय जानकी जीवन प्रभु, जय जय सिया राम॥

अवधपुरी के राजा प्यारे।
दशरथ नंदन सिया के दुलारे॥
जय जानकी जीवन प्रभु, जय जय सिया राम॥

धनुष उठाकर सीता वरी।
जनकपुर में शोभा भारी॥
जय जानकी जीवन प्रभु, जय जय सिया राम॥

वन-वन घूमे लखन सहित।
भक्तन के हो सदा सहित॥
जय जानकी जीवन प्रभु, जय जय सिया राम॥

रावण मार विभीषण तारे।
अवधपुरी में राज्य संवारे॥
जय जानकी जीवन प्रभु, जय जय सिया राम।
जय जानकी जीवन प्रभु, जय जय सिया राम॥

You Can Also Read

Hindi Translation

यह आरती श्रीराम और माता सीता (सिया) के युगल स्वरूप की स्तुति में गाई जाती है। इसमें राम-सीता विवाह, वनवास, रावण वध और अयोध्या राज्याभिषेक की संक्षिप्त लीला का वर्णन है।

English Translation

This aarti praises the divine couple Sita and Rama, briefly narrating their marriage, exile, the defeat of Ravana and the coronation at Ayodhya.

Significance

यह आरती राम मंदिरों में तथा रामनवमी एवं विवाह पंचमी जैसे पर्वों पर विशेष रूप से गाई जाती है, जो सीता-राम के आदर्श दांपत्य और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की भक्ति को दर्शाती है।

How to Chant?

आरती की थाली में दीपक जलाकर, घंटी बजाते हुए खड़े होकर गाएं।

Number of Repetitions

1 से 3 बार

Best Time to Chant

संध्या आरती के समय, रामनवमी एवं विवाह पंचमी पर्व पर

Benefits of Aartis